pavanmuktasan
शरीर में स्थित पवन (वायु) यह आसन करने से मुक्त होता है इससे इसको पवनमुक्तासन कहा जाता है । ध्यान मणिपुर चक्र में । श्वास पहले पूरक फिर कुम्भक और रेचक ।

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5 Comments

  1. बहोत बढिया जानकारी

  2. बहोत सुंदर और उपयोगी जानकारी

  3. अति सुंदर

  4. आसन शरीर के लिए बहुत उपयोगी साबित होगी नियमित रूप से अगर किया जाए। पवनमुक्तासन तो सभी वर्गों के लोगों के लिए अनिवार्य होनी चाहिए।

  5. बहुत सुन्दर जानकारी


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