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Today Chandra Grahan Time [03rd March 2026]

कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर 03 मार्च 2026, मंगलवार को चंद्र ग्रहण लगेगा । यह चंद्र ग्रहण खंडग्रास रहेगा । जहाँ दिखेगा वहाँ नियम पालनीय रहेंगे । यह चंद्र ग्रहण भारत के साथ- साथ ऑस्ट्रेलिया, उत्तर एवं दक्षिणी अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका और एशिया के कई क्षेत्रों में दिखाई देगा । (खंडग्रास चंद्रग्रहण का मुख्य शहरों का समय नीचे पढ़ सकते हैं । )

ग्रहण के समय क्या होता है ?
What happens during Chandra Grahan

  • सूर्य की सीधी किरणें पृथ्वी के मनुष्यों को नहीं मिल पाती हैं तो हमारे जो सूक्ष्म, सूक्ष्मतम, सूक्ष्मतर, सूक्ष्मत अवयव में हिलचाल नहींवत हो जाती है । यही कारण है कि सूर्य ग्रहण के समय कोई भी गंदा भाव और गंदा काम होता है तो वह स्थायी हो जाता हैं क्योंकि प्रसार नहीं हो पाता हैं ।
  • ऐसे ही चंद्र ग्रहण के समय गंदा भाव या गंदा काम या गन्दगी स्थिर हो जाती है । इसलिए कहते हैं कि चंद्र ग्रहण के समय भोजन न करें लेकिन एक प्रहर, दो प्रहर, तीन प्रहार के पहले अन्न-जल का त्याग करके अच्छे कर्म व अच्छे विचार में लग जाएँ ताकि अच्छाई गहरी स्थिर हो जाये ।
  • अच्छाई गहरी स्थिर हो जाएगी तो व्यक्ति के स्वभाव में, व्यक्ति के मति में, व्यक्ति के गति में सुख, शांति, आयु, आरोग्य और पुष्टि मिलेगी । अगर गंदगी स्थिर हो जाएगी, तमोगुण, रजोगुण स्थिर हो जाएगा तो व्यक्ति के जीवन में चिंता, शौक, भय, विकार और व्यग्रता घुस जाएगी ।

ग्रहण काल में क्या करें, क्या न करें ?
Do's and Don'ts During Chandra Grahan 2026

Chandra Grahan me Kya Nahi Karna Chahiye [Dont's on Lunar Eclipse 2026]

  • ग्रहण के समय अगर कोई निद्रा कर लेता है तो तमस बढ़ने से रोग बढ़ जाएगा । ग्रहण के समय कोई संभोग करता है तो उसको सूकर की योनि मिलनी है बिल्कुल पक्की बात है क्योंकि काम-विकार का भाव गहरा हो जाएगा ।
  • ग्रहण के समय भोजन करेगा तो कुष्ठ रोग होने की संभावना बढ़ जाती है । मालिश करेगा तो कुष्ठ रोग होने की संभावना बढ़ जाएगी ।
  • ग्रहण के समय आप जो करोगे, वो गहरा स्थिर हो जाएगा । तो ग्रहण के समय जो सेक्स-संभोग करता है तो उसकी काम वासना गहरी होने के कारण दूसरा जन्म काम-वासना की तृप्ति करने वाला सूकर, बकरे आदि का मिलता है ।
  • अगर ग्रहण के पहले पानी खूब पिया है और ग्रहण के समय पेशाब करेगा तो दरिद्रता का आना सुनिश्चित हो जाता है । ग्रहण के समय शौच जाना कृमि रोग को जन्म देता है ।
  • ग्रहण के समय किसी जीव-जंतुओं या किसी प्राणी की हत्या हो जाये तो नारकीय योनि में जाना पड़ता है । ग्रहण के समय ठगाई हो जाये तो व्यक्ति को सर्प योनी में जाना पड़ता है ।

Chandra Grahan me Kya Karna Chahiye [Do's on Partial Lunar Eclipse 2026]

  • चंद्रग्रहण के समय रुद्राक्ष-माला धारण करने से पाप नष्ट हो जाते हैं परंतु फैक्ट्रियों में बनने वाले नकली रुद्राक्ष नहीं, असली रुद्राक्ष हों ।
  • पूज्य बापूजी ने कई बार सत्संगों में कहा है कि जो ग्रहणकाल में उसके नियम-पालन कर जप साधना करते हैं, वे न केवल ग्रहण के दुष्प्रभावों से बच जाते हैं बल्कि महान पुण्यलाभ भी प्राप्त करते हैं ।
  • ग्रहण के समय गुरुमंत्र, इष्टमंत्र अथवा भगवन्नाम जप अवश्य करें, न करने से मंत्र को मलिनता प्राप्त होती है ।
  • ग्रहण-काल जप, दीक्षा, मंत्र-साधना (विभिन्न देवों के निमित्त) के लिए उत्तम काल है । ग्रहण के समय दीक्षा अथवा दीक्षा लिए हुए मंत्र का जप करने से सिद्धि हो जाती है । तो स्वास्थ्य-मंत्र जप लेना, ब्रह्मचर्य का मंत्र भी सिद्ध कर लेना ।
  • भगवान वेदव्यासजी कहते हैं – “सामान्य दिन से चन्द्रग्रहण में किया गया पुण्यकर्म (जप, ध्यान, दान आदि) एक लाख गुना फलदायी होता है । यदि गंगा-जल पास में हो तो एक करोड़ गुना फल होता है ।”
  • जब तक ग्रहण आँखों से दिखाई देता है तब तक की अवधि पुण्यकाल कही जाती है ।
  • ग्रहण के समय गायों को घास, पक्षियों को अन्न, जरूरतमंदों को वस्त्रदान से अनेक गुना पुण्य प्राप्त होता है । ग्रहण को बिल्कुल ना देखें व बाहर ना निकलें ।
  • ग्रहण में अगर सावधानी रही तो थोड़े ही समय में बहुत पुण्यमय, सुखमय जीवन होगा अगर असावधानी हुई तो थोड़ी ही असावधानी से बड़े दंडित हो जायेंगे, दुःखी हो जायेंगे ।
  • ग्रहण के दौरान हंसी-मजाक, नाच- गाना, ठिठोली ना करें क्योंकि ग्रहणकाल उस देवता के लिए संकट का काल है, उस समय वह ग्रह पीड़ा में होता है इसलिये इस काल में उस देवता का मंत्र करें । ऐसा करने से उन्हें बल मिलता है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है । चंद्रग्रहण हो तो चंद्र मंत्र व चंद्र गायत्री मंत्र का जप करें ।
  • चंद्र गायत्री मंत्र
      ॐ क्षीरपुत्राय विद्महे । अमृततत्वाय धीमहि । तन्नो चंद्र: प्रचोदयात् ।
  • चंद्र मंत्र
      दधिशंखतुषाराभं क्षीरोदार्णवसंभवम् ।
      नमामि शशिनं सोमं शम्भोर्मुकूटभूषणम् ।।

खाद्य पदार्थ दूषित होने से ऐसे बचायें
Chandra Grahan Sutak se Pehle Kya Kare ?

  • ग्रहण के पहले का बनाया हुआ अन्न ग्रहण बाद त्याग देना चाहिए लेकिन ग्रहण से पूर्व रखा हुआ दही या उबाला हुआ दूध तथा दूध, छाछ, घी या तेल इनमें से किसी में सिद्ध किया हुआ अर्थात् ठीक से पकाया हुआ अन्न (पूड़ी आदि) ग्रहण के बाद भी सेवनीय है परंतु ग्रहण के पूर्व इनमें कुशा डालना जरूरी है ।
  • सूतक से पहले पानी में कुशा, तिल या तुलसी-पत्र डाल के रखें ताकि सूतक काल में उसे उपयोग में ला सकें । ग्रहणकाल में रखे गए पानी का उपयोग ग्रहण के बाद नहीं करना चाहिए किंतु जिन्हें यह सम्भव न हो वे उपरोक्तानुसार कुशा आदि डालकर रखे पानी को उपयोग में ला सकते हैं, ऐसा कुछ जानकारों का कहना है ।
  • ग्रहण से 30 मिनिट पूर्व स्नान अवश्य करें । न कर सकें तो गंगाजल छिड़ककर शुद्धीकरण अवश्य कर लें । ग्रहण काल प्रारंभ होने के पूर्व घर के ईशान कोण में गाय के घी का चार बाती वाला दीपक प्रज्ज्वलित करें एवं घर के हर कमरे में कपूर का धूप कर दें ।
  • ग्रहण का कुप्रभाव वस्तुओं पर न पड़े इसलिए मुख्यरूप से कुशा का उपयोग होता है । इससे पदार्थ अपवित्र होने से बचते हैं । कुशा नहीं है तो तिल डालें । इससे भी वस्तुओं पर सूक्ष्म-सूक्ष्मतम आभाओं का प्रभाव कुंठित हो जाता है । तुलसी के पत्ते डालने से भी यह लाभ मिलता है किंतु दूध या दूध से बने व्यंजनों में तिल या तुलसी न डालें ।

Chandra Grahan 03 Mar. 2026 Time in India [In All States]

स्थान सूतक प्रारम्भ (सभी के लिए) ग्रहण समय
Ahmedabad ग्रहण नहीं है ग्रहण नहीं है
New Delhi 3 मार्च प्रातः 09:39 से 3 मार्च शाम 06:26 से शाम 06:46 तक
Surat ग्रहण नहीं है ग्रहण नहीं है
Mumbai ग्रहण नहीं है ग्रहण नहीं है
Pune 3 मार्च प्रातः 09:49 से 3 मार्च शाम 06:45 से शाम 06:46 तक
Nagpur 3 मार्च प्रातः 09:29 से 3 मार्च शाम 06:22 से शाम 06:46 तक
Nashik 3 मार्च प्रातः 09:50 से 3 मार्च शाम 06:45 से शाम 06:46 तक
Guwahati 3 मार्च प्रातः 08:40 से 3 मार्च शाम 05:27 से शाम 06:46 तक
Jodhpur 3 मार्च प्रातः 09:55 से 3 मार्च शाम 06:45 से शाम 06:46 तक
Bhopal 3 मार्च प्रातः 09:37 से 3 मार्च शाम 06:28 से शाम 06:46 तक
Raipur 3 मार्च प्रातः 09:19 से 3 मार्च शाम 06:11 से शाम 06:46 तक
Chandigarh 3 मार्च प्रातः 09:41 से 3 मार्च शाम 06:27 से शाम 06:46 तक
Ranchi 3 मार्च प्रातः 09:05 से 3 मार्च शाम 05:55 से शाम 06:46 तक
Patna 3 मार्च प्रातः 09:06 से 3 मार्च शाम 05:55 से शाम 06:46 तक
Kolkata 3 मार्च प्रातः 08:52 से 3 मार्च शाम 05:43 से शाम 06:46 तक
Bhubaneswar 3 मार्च प्रातः 09:02 से 3 मार्च शाम 05:54 से शाम 06:46 तक
Chennai 3 मार्च प्रातः 09:22 से 3 मार्च शाम 05:21 से शाम 06:46 तक
Bengaluru 3 मार्च प्रातः 09:33 से 3 मार्च शाम 06:32 से शाम 06:46 तक
Hyderabad 3 मार्च प्रातः 09:31 से 3 मार्च शाम 06:26 से शाम 06:46 तक
Jammu 3 मार्च प्रातः 09:49 से 3 मार्च शाम 06:34 से शाम 06:46 तक
Itanagar 3 मार्च प्रातः 08:33 से 3 मार्च शाम 05:19 से शाम 06:46 तक
Gangtok 3 मार्च प्रातः 08:53 से 3 मार्च शाम 05:39 से शाम 06:46 तक
Prayagraj 3 मार्च प्रातः 09:19 से 3 मार्च शाम 06:08 से शाम 06:46 तक
Kanpur 3 मार्च प्रातः 09:26 से 3 मार्च शाम 06:14 से शाम 06:46 तक
Visakhapatnam 3 मार्च प्रातः 09:12 से 3 मार्च शाम 06:07 से शाम 06:46 तक
Haridwar 3 मार्च प्रातः 09:35 से 3 मार्च शाम 06:21 से शाम 06:46 तक
Dharmashala 3 मार्च प्रातः 09:43 से 3 मार्च शाम 06:28 से शाम 06:46 तक
Jaipur 3 मार्च प्रातः 09:44 से 3 मार्च शाम 06:33 से शाम 06:46 तक
Ujjain 3 मार्च प्रातः 09:43 से 3 मार्च शाम 06:35 से शाम 06:46 तक
Thiruvananthapuram 3 मार्च प्रातः 09:35 से 3 मार्च शाम 06:37 से शाम 06:46 तक
Panaji (Goa) 3 मार्च प्रातः 09:49 से 3 मार्च शाम 06:46 से शाम 06:46 तक
Jamnagar ग्रहण नहीं है ग्रहण नहीं है
  • टिपण्णी : भारत के जिन शहरों के नाम ऊपर सूची में नहीं दिये गये हैं, वहाँ के लिए अपने नजदीकी शहर के ग्रहण का समय देखें ।
स्थान सूतककाल प्रारम्भ ग्रहण समय
Ahmedabad ग्रहण नहीं है ग्रहण नहीं है
New Delhi 3 मार्च प्रातः 09:39 से 3 मार्च शाम 06:26 से शाम 06:46 तक
Surat ग्रहण नहीं है ग्रहण नहीं है
Mumbai ग्रहण नहीं है ग्रहण नहीं है
Pune 3 मार्च प्रातः 09:49 से 3 मार्च शाम 06:45 से शाम 06:46 तक
Nagpur 3 मार्च प्रातः 09:29 से 3 मार्च शाम 06:22 से शाम 06:46 तक
Nashik 3 मार्च प्रातः 09:50 से 3 मार्च शाम 06:45 से शाम 06:46 तक
Guwahati 3 मार्च प्रातः 08:40 से 3 मार्च शाम 05:27 से शाम 06:46 तक
Jodhpur 3 मार्च प्रातः 09:55 से 3 मार्च शाम 06:45 से शाम 06:46 तक
Bhopal 3 मार्च प्रातः 09:37 से 3 मार्च शाम 06:28 से शाम 06:46 तक
Raipur 3 मार्च प्रातः 09:19 से 3 मार्च शाम 06:11 से शाम 06:46 तक
Chandigarh 3 मार्च प्रातः 09:41 से 3 मार्च शाम 06:27 से शाम 06:46 तक
Ranchi 3 मार्च प्रातः 09:05 से 3 मार्च शाम 05:55 से शाम 06:46 तक
Patna 3 मार्च प्रातः 09:06 से 3 मार्च शाम 05:55 से शाम 06:46 तक
Kolkata 3 मार्च प्रातः 08:52 से 3 मार्च शाम 05:43 से शाम 06:46 तक
Bhubaneswar 3 मार्च प्रातः 09:02 से 3 मार्च शाम 05:54 से शाम 06:46 तक
Chennai 3 मार्च प्रातः 09:22 से 3 मार्च शाम 05:21 से शाम 06:46 तक
Bengaluru 3 मार्च प्रातः 09:33 से 3 मार्च शाम 06:32 से शाम 06:46 तक
Hyderabad 3 मार्च प्रातः 09:31 से 3 मार्च शाम 06:26 से शाम 06:46 तक
Jammu 3 मार्च प्रातः 09:49 से 3 मार्च शाम 06:34 से शाम 06:46 तक
Itanagar 3 मार्च प्रातः 08:33 से 3 मार्च शाम 05:19 से शाम 06:46 तक
Gangtok 3 मार्च प्रातः 08:53 से 3 मार्च शाम 05:39 से शाम 06:46 तक
Prayagraj 3 मार्च प्रातः 09:19 से 3 मार्च शाम 06:08 से शाम 06:46 तक
Kanpur 3 मार्च प्रातः 09:26 से 3 मार्च शाम 06:14 से शाम 06:46 तक
Visakhapatnam 3 मार्च प्रातः 09:12 से 3 मार्च शाम 06:07 से शाम 06:46 तक
Haridwar 3 मार्च प्रातः 09:35 से 3 मार्च शाम 06:21 से शाम 06:46 तक
Dharmashala 3 मार्च प्रातः 09:43 से 3 मार्च शाम 06:28 से शाम 06:46 तक
Jaipur 3 मार्च प्रातः 09:44 से 3 मार्च शाम 06:33 से शाम 06:46 तक
Ujjain 3 मार्च प्रातः 09:43 से 3 मार्च शाम 06:35 से शाम 06:46 तक
TVM (Kerala) 3 मार्च प्रातः 09:35 से 3 मार्च शाम 06:37 से शाम 06:46 तक
Panaji (Goa) 3 मार्च प्रातः 09:49 से 3 मार्च शाम 06:46 से शाम 06:46 तक
Jamnagar ग्रहण नहीं है ग्रहण नहीं है
  • टिपण्णी : भारत के जिन शहरों के नाम ऊपर सूची में नहीं दिये गये हैं, वहाँ के लिए अपने नजदीकी शहर के ग्रहण का समय देखें ।

Other Country Timings

 
स्थान सूतक प्रारम्भ (सभी के लिए) सूतक प्रारम्भ (बालक, वृद्ध, रोगी एवं गर्भवती महिलाओं के लिए) ग्रहण समय
India (उज्जैन में समय) 3 मार्च प्रातः 09:43 से 3 मार्च दोपहर 03:35 से 3 मार्च शाम 06:35 से शाम 06:46 तक
Afghanistan (Kabul) – – – – – – – – – – – –
Israel (Jerusalem) – – – – – – – – – – – –
Egypt (Cairo) – – – – – – – – – – – –
Italy (Rome) – – – – – – – – – – – –
Iraq (Baghdad) – – – – – – – – – – – –
Iran (Tehran) – – – – – – – – – – – –
Australia (Canberra) 3 मार्च प्रातः 10:03 से 3 मार्च शाम 04:27 से 3 मार्च रात्रि 08:51 से 12:16 (3 मार्च 08:51 PM से 04 मार्च 12:16 AM) तक
Australia (Perth) 3 मार्च प्रातः 06:07 से 3 मार्च दोपहर 12:28 से 3 मार्च शाम 06:47 से रात्रि 09:16 तक
Qatar (Doha) – – – – – – – – – – – –
Canada (Iqaluit, Nunavut) 2 मार्च शाम 04:57 से 2 मार्च रात्रि 11:45 से 3 मार्च प्रातः 4:51 से 06:29 तक
Canada (Ontario) 2 मार्च शाम 06:10 से 2 मार्च रात्रि 12:31 (3 मार्च 12:31 AM) से 3 मार्च प्रातः 4:51 से 06:50 तक
Greece (Athens) – – – – – – – – – – – –
China (Beijing) 3 मार्च प्रातः 06:45 से 3 मार्च दोपहर 12:27 से 3 मार्च शाम 06:05 से रात्रि 09:16 तक
Germany (Berlin) – – – – – – – – – – – –
Japan (Tokyo) 3 मार्च प्रातः 09:01 से 3 मार्च दोपहर 02:46 से 3 मार्च शाम 06:51 से रात्रि 10:16 तक
Taiwan (Taipei) 3 मार्च प्रातः 06:15 से 3 मार्च दोपहर 12:06 से 3 मार्च शाम 05:54 से रात्रि 09:16 तक
Turkiye (Ankara) – – – – – – – – – – – –
South Africa (Cape Town) – – – – – – – – – – – –
South Korea (Seoul) 3 मार्च प्रातः 09:53 से 3 मार्च दोपहर 03:36 से 3 मार्च शाम 06:51 से रात्रि 10:16 तक
Nepal (Kathmandu) 3 मार्च प्रातः 09:21 से 3 मार्च दोपहर 03:11 से 3 मार्च शाम 06:08 से शाम 07:01 तक
Pakistan (Islamabad) 3 मार्च प्रातः 09:27 से 3 मार्च दोपहर 03:13 से 3 मार्च शाम 06:11 से शाम 06:16 तक
France (Paris) – – – – – – – – – – – –
Bangladesh (Dhaka) 3 मार्च प्रातः 09:15 से 3 मार्च दोपहर 03:06 से 3 मार्च शाम 06:04 से शाम 07:16 तक
Brazil (Brasília) – – – – – – – – – – – –
Bhutan (Thimphu) 3 मार्च प्रातः 09:19 से 3 मार्च दोपहर 03:08 से 3 मार्च शाम 06:05 से शाम 07:16 तक
Malaysia (Kuala Lumpur) 3 मार्च प्रातः 07:23 से 3 मार्च दोपहर 01:25 से 3 मार्च शाम 07:27 से रात्रि 09:16 तक
Maldives (Malé) – – – – – – – – – – – –
Mauritius (Port Louis) – – – – – – – – – – – –
UAE (Abu Dhabi) – – – – – – – – – – – –
USA (California) 2 मार्च शाम 06:00 से 2 मार्च रात्रि 12:18 (3 मार्च 12:18 AM) से 3 मार्च प्रातः 4:51 से 06:33 तक
USA (New York) 2 मार्च शाम 05:49 से 2 मार्च रात्रि 12:08 (3 मार्च 12:08 AM) से 3 मार्च प्रातः 4:51 से 06:24 तक
USA (Washington, D.C.) 2 मार्च शाम 06:02 से 2 मार्च रात्रि 12:20 (3 मार्च 12:18 AM) से 3 मार्च प्रातः 4:51 से 06:35 तक
England, UK (London) – – – – – – – – – – – –
Ukraine (Kyiv) – – – – – – – – – – – –
Russia (Moscow) – – – – – – – – – – – –
Sri Lanka (Colombo) 3 मार्च प्रातः 09:23 से 3 मार्च दोपहर 03:23 से 3 मार्च शाम 06:25 से शाम 06:46 तक
Saudi Arabia (Riyadh) – – – – – – – – – – – –
Singapore (Singapore) 3 मार्च प्रातः 07:14 से 3 मार्च दोपहर 01:17 से 3 मार्च शाम 07:19 से रात्रि 09:16 तक
Switzerland (Bern) – – – – – – – – – – – –
Hong Kong (Hong Kong) 3 मार्च प्रातः 06:43 से 3 मार्च दोपहर 12:35 से 3 मार्च शाम 06:26 से रात्रि 09:16 तक
स्थानसूतककाल प्रारम्भग्रहण समय
India (उज्जैन में समय)3 मार्च प्रातः 09:43 से3 मार्च शाम 06:35 से शाम 06:46 तक
Afghanistan (Kabul)– – – –– – – –
Israel (Jerusalem)– – – –– – – –
Egypt (Cairo)– – – –– – – –
Italy (Rome)– – – –– – – –
Iraq (Baghdad)– – – –– – – –
Iran (Tehran)– – – –– – – –
Australia (Canberra)3 मार्च प्रातः 10:03 से3 मार्च रात्रि 08:51 से 12:16 (3 मार्च 08:51 PM से 04 मार्च 12:16 AM) तक
Australia (Perth)3 मार्च प्रातः 06:07 से3 मार्च शाम 06:47 से रात्रि 09:16 तक
Qatar (Doha)– – – –– – – –
Canada (Iqaluit, Nunavut)2 मार्च शाम 04:57 से3 मार्च प्रातः 4:51 से 06:29 तक
Canada (Ontario)2 मार्च शाम 06:10 से3 मार्च प्रातः 4:51 से 06:50 तक
Greece (Athens)– – – –– – – –
China (Beijing)3 मार्च प्रातः 06:45 से3 मार्च शाम 06:05 से रात्रि 09:16 तक
Germany (Berlin)– – – –– – – –
Japan (Tokyo)3 मार्च प्रातः 09:01 से3 मार्च शाम 06:51 से रात्रि 10:16 तक
Taiwan (Taipei)3 मार्च प्रातः 06:15 से3 मार्च शाम 05:54 से रात्रि 09:16 तक
Turkiye (Ankara)– – – –– – – –
South Africa (Cape Town)– – – –– – – –
South Korea (Seoul)3 मार्च प्रातः 09:53 से3 मार्च शाम 06:51 से रात्रि 10:16 तक
Nepal (Kathmandu)3 मार्च प्रातः 09:21 से3 मार्च शाम 06:08 से शाम 07:01 तक
Pakistan (Islamabad)3 मार्च प्रातः 09:27 से3 मार्च शाम 06:11 से शाम 06:16 तक
France (Paris)– – – –– – – –
Bangladesh (Dhaka)3 मार्च प्रातः 09:15 से3 मार्च शाम 06:04 से शाम 07:16 तक
Brazil (Brasília)– – – –– – – –
Bhutan (Thimphu)3 मार्च प्रातः 09:19 से3 मार्च शाम 06:05 से शाम 07:16 तक
Malaysia (Kuala Lumpur)3 मार्च प्रातः 07:23 से3 मार्च शाम 07:27 से रात्रि 09:16 तक
Maldives (Malé)– – – –– – – –
Mauritius (Port Louis)– – – –– – – –
UAE (Abu Dhabi)– – – –– – – –
USA (California)2 मार्च शाम 06:00 से3 मार्च प्रातः 4:51 से 06:33 तक
USA (New York)2 मार्च शाम 05:49 से3 मार्च प्रातः 4:51 से 06:24 तक
USA (Washington, D.C.)2 मार्च शाम 06:02 से3 मार्च प्रातः 4:51 से 06:35 तक
England, UK (London)– – – –– – – –
Ukraine (Kyiv)– – – –– – – –
Russia (Moscow)– – – –– – – –
Sri Lanka (Colombo)3 मार्च प्रातः 09:23 से3 मार्च शाम 06:25 से शाम 06:46 तक
Saudi Arabia (Riyadh)– – – –– – – –
Singapore (Singapore)3 मार्च प्रातः 07:14 से3 मार्च शाम 07:19 से रात्रि 09:16 तक
Switzerland (Bern)– – – –– – – –
Hong Kong (Hong Kong)3 मार्च प्रातः 06:43 से3 मार्च शाम 06:26 से रात्रि 09:16 तक

Pujya Bapuji Message on Chandra Grahan 2026

  • ग्रहण के समय भगवद चिंतन, भगवद ध्यान और भगवद ज्ञान हो तो वो व्यक्ति सहज में ही भगवद लोक पाता है । भगवद धाम को पाता है, भगवद रस को पाता है । ग्रहण के समय अगर भगवद विरह पैदा होता है तो पक्की बात है कि वो भगवान को पाने में बिल्कुल पक्का है । उसने भगवान को पा लिया समझो । लेकिन ग्रहण के समय चिंता है तो बुद्धि नाश होता है ये पक्का समझ लेना ।

वैसे ही कई बार पक्का करा चुके हैं सत्संग में :-

“चिंता से चतुराई घटे, घटे रूप और ज्ञान ।
चिंता बड़ी अभागिनी, चिंता चिता समान ।”

“तुलसी भरोसे राम के, निश्चित होके सोए,
अनहोनी होनी नहीं, होनी होए सो होए ।”

ग्रहण में रखें विशेष सावधानी
Precautions during Chandra Grahan 2026

  • ग्रहण का प्रभाव हृदय पर पड़ता है । इसलिए ग्रहण के समय ऐसा कोई कर्म न करें, ऐसा कोई खान-पान न करें, ऐसा कोई चिंतन न करें जिससे हमारा हृदय कमजोर रह जाए । सावधान न रहे तो फिर हृदय की समस्या चालू हो जायेगी । अतः ॐकार-संयुक्त गुरुमंत्र का जप करके हृदय मजबूत बनाना चाहिए । दानकर्म, शुभ कर्म आदि करना चाहिए ।
  • राजस्थान के खंडेला का एक नास्तिक पंडित था । वह पंडिताई तो करता था लेकिन पाश्चात्य जगत की पुस्तकें पढ़कर अपने हिन्दू धर्म की बातों को भीतर से कल्पना मानने की भूल करता था । उसके यजमान की पत्नी गर्भवती थी । ग्रहण के समय भोजन नहीं करना चाहिए और गर्भवती को तो ग्रहण के समय खास सावधान रहना चाहिए ।
  • पंडित अंग्रेजी पढ़ा था, उसने कहा कि “हम ये सब बातें नहीं मानते हैं ।” पंडित ने उस यजमान की गर्भवती स्त्री को बोला: “ग्रहण के समय भरपेट खाओ, हलवा-पूड़ी खाओ, साग खाओ, देखें क्या होता है !”
  • यजमान की पत्नी ने ग्रहण के समय ऐसा किया । परिणाम यह आया कि उसको लूला-लँगड़ा और विक्षिप्त बालक पैदा हुआ ।

Chandra Grahan Ke Baad Kya Karna Chahiye

  • ग्रहण काल में स्पर्श किए हुए वस्त्र आदि की शुद्धि हेतु बाद में उसे धो देना चाहिए तथा स्वयं भी पहने हुए वस्त्र सहित स्नान करना चाहिए ।
  • आसन, गोमुखी व मंदिर में बिछा हुआ कपड़ा भी धो दें । और दूषित ओरा के शुद्धिकरण हेतु गोमूत्र या गंगाजल का छिड़काव पूरे घर में कर सकें तो अच्छा है ।
  • ग्रहण के स्नान में कोई मंत्र नहीं बोलना चाहिए । ग्रहण के स्नान में गरम की अपेक्षा ठंडा जल, ठंडा जल में भी दूसरे के हाथ से निकले हुए जल की अपेक्षा अपने हाथ से निकला हुआ, निकले हुए की अपेक्षा जमीन में भरा हुआ, भरे हुए की अपेक्षा बहता हुआ (साधारण) बहते हुए की अपेक्षा सरोवर का, सरोवर की अपेक्षा नदी का, अन्य नदियों की अपेक्षा गंगा का और गंगा की अपेक्षा समुद्र का जल पवित्र माना जाता है । (नदी का पानी शुद्ध हो जो आजकल शहरों में नदी का पानी प्रदूषित होता है वो नुकसान कारक है, इसमें स्नान न करें। )
  • ग्रहण के बाद स्नान करके खाद्य वस्तुओं में डाले गये कुश एवं तुलसी को निकाल देना चाहिए ।
  • सूर्य या चन्द्र जिसका ग्रहण हो उसका शुद्ध बिम्ब देखकर भोजन करना चाहिए ।

ग्रहण के स्नान के लिए श्रेष्ठ जल कौन सा ?

  • ग्रहण के स्नान में गरम की अपेक्षा ठंडा जल, ठंडे जल में भी दूसरे के हाथ से निकले हुए जल की अपेक्षा अपने हाथ से निकाला हुआ, निकले हुए की अपेक्षा जमीन में भरा हुआ, भरे हुए की अपेक्षा बहता हुआ,(साधारण) बहते हुए की अपेक्षा सरोवर का, सरोवर की अपेक्षा नदी का, अन्य नदियों की अपेक्षा गंगा का और गंगा की अपेक्षा समुद्र का जल पवित्र माना जाता है ।
  • ग्रहणकाल पूरा होने पर स्नान के पश्चात सूतक काल में रखे गए कुश व तुलसी निकाल दें । दान- दक्षिणा देकर सूर्य या चन्द्र जिसका ग्रहण हो उसका शुद्ध बिम्ब देखकर भोजन करना चाहिए ।

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