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चुप साधन
सदगुरु वे माली हैं जो जीवन रूपी वाटिका को सुरभित करते हैं। छोटी उम्र में ही एक बालक की नेत्र ज्योति चली गयी। सारा परिवार दु:खी हो गया। बालक सोचने
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ब्रह्मचर्य का पालन क्यों और कैसे
वास्तव में ‘ब्रह्मचर्य’ शब्द का अर्थ है!!  ‘ब्रह्म के स्वरूप में विचरण करना।’ जिसका मन नित्य-निरंतर सच्चिदानंद ब्रह्म में विचरण करता है, वही पूर्ण ब्रह्मचारी है। इसमें प्रधान आवश्यकता है-
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श्री योग वशिष्ठ महारामायण
‘श्री योग वशिष्ठ महारामायण’ में आता है कि : “हे रामजी ! यह चित्त जो संसार के भोग की ओर जाता है, उस भोग रूपी खाई में चित्त को गिरने
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Nitay Niyam, Niyam nisthha, Manobal badhaen
नियम में निष्ठा | Nitya Niyam se Manobal Badhaen
केवल मनुष्य ही एक ऐसा प्राणी है जो उन्नति कर सकता है । मगर सावधान नहीं रहा तो अवनत भी हो सकता है । या तो उसका उत्थान होता है
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मरने से पहले नाड़ा ना खुले
एक दिन शेख फरीद के एक शिष्य ने कहा : ” हुजूर ! मेरी सलवार फट गई है पहनने योग्य नहीं रही । ”  ” कोई बात नहीं ।  मेरे
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brahmachary vrat, brahmachary, Sanyam
क्यूँ आते हैं आत्महत्या के विचार |Brahmcharya Ki Shakti
आत्महत्या के विचार आते हैं तो समझो यह मन की दुर्बलता व कायरता की पराकाष्ठा है । बचपन मे वीर्यनाश खूब हुआ हो तो बार-बार आत्महत्या के विचार आते हैं
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