fbpx
Skip to content
maa ke diye sanskar - vinoba bhave
माँ के दिए संस्कार – A Moral Story of Vinoba Bhave in Hindi
विनोबा भावे की माँ रुक्मणी भावे भगवान के आगे हाथ जोड़कर प्रार्थना करती है :’अनंत ब्रम्हांड नायक प्रभु ! तू मेरे दोषों का शमन कर दे । मेरे प्यारे ! तू मुझे अपनी प्रीति दे दे ।’इस प्रकार की पुकार करते-करते रुक्मणी का हृदय भीग जाता था। आंखें भी भीग जाती थी। इससे माँ को उन्नत हुई लेकिन नन्हा सपूत विनोबा माँ को देखते-देखते इतने बड़े संत बन गए कि गाँधीजी
Read More
Ideal Student Qualities In Hindi
आदर्श विद्यार्थी के 5 लक्षण [Ideal Student Qualities In Hindi]
🔹 काकचेष्टा बकध्यानं, श्वाननिद्रा तथैव च।        स्वल्पाहारी ब्रह्मचारी, विद्यार्थी पंचलक्षणम्।।   🔸 काकचेष्टाः – जैसे कौआ हरेक चेष्टा में इतना सावधान रहता है कि उसको कोई जल्दी पकड़ नहीं सकता, ऐसे ही विद्यार्थी को विद्याध्ययन के विषय में हर समय सावधान रहना चाहिए। एक-एक क्षण का ज्ञानार्जन करने में सदुपयोग करना चाहिए। 🔹 बकध्यानः – जैसे बगुला पानी में धीरे से पैर रखकर चलता है, उसका ध्यान मछली
Read More
Sai Lilashah Ji
‘सर्वजनहिताय’ की भावना | Once Sai Lilashah Ji Met With Ramana Maharshi Ji
साईं श्री लीलाशाहजी महाराज निर्वाण दिवस : 29 अक्टूबर पूज्यपाद सदगुरुदेव (Sai Lilashah Ji Maharaj) एक बार घूमते-घामते दक्षिण भारत में महान् योगीराज ब्रह्मज्ञानी श्री रमण महर्षि (Shri Ramana Maharshi Ji) के पास गये थे। जब वे रमण महर्षि (Shri Ramana Maharshi Ji) से प्रत्यक्ष मिले तब उनकी ज्ञाननिष्ठा और अन्तर्मुखता को देखकर श्री रमण महर्षि (Shri Ramana Maharshi Ji) ने उनसे पूछाः “आप इतनी ऊँची भूमिका को प्राप्त करने
Read More
Swami Ram
क्षमा के सागर सद्गुरु | Inspirational Story of Sant Swami Ram Ji at Gurukul
एक महात्मा हो गये – स्वामी राम | Swami Ram ( स्वामी रामतीर्थ नहीं , दूसरे संत थे ) । उनके गुरु बड़े उच्च कोटि के संत थे । स्वामी राम ने अपनी आत्मकथा में लिखा है : ‘प्रायः बच्चों में स्वार्थ-परायणता देखी जाती है, वे अन्य बालकों को कुछ भी नहीं देना चाहते लेकिन मुझे बचपन में ही सब कुछ दे देने की, स्वार्थ रहित सेवा करने की सुंदर शिक्षा
Read More
Biological Clock
जैविक घड़ी पर आधारित दिनचर्या | Biological Clock of Human Body in Hindi
  Biological Clock (जैविक घड़ी) of Human Body  ● प्रातः ३ से ५ – ( जीवनी शक्ति विशेषरूप से फेफ़डों में होती है )थोड़ा गुनगुना पानी पीकर खुली हवा में घूमना एवं प्राणायाम करना । शरीर स्वस्थ व स्फूर्तिमान होता है । ब्राह्ममुहूर्त में उठनेवाले लोग बुद्धिमान व उत्साही होते हैं और सोते रहनेवालों का जीवन निस्तेज हो जाता है । ● प्रातः ५ से ७ – ( बड़ी आँत
Read More

Categories

open all | close all