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The Pineal Gland – Power of Agya Chakra |आज्ञा चक्र
पीनियल ग्रंथि (आज्ञा चक्र) : शक्ति का अद्भुत खजाना
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राम जी ने कराया बीमा
( १४ फरवरी ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’ विशेष ) राम जी रावण को तीरों का निशाना बनाते हैं और रावण का सिर कटता है, फिर से लगता है क्योंकि उसे वरदान मिला था। लेकिन रावण दंग रह गया कि जब वह रामजी पर बाण छोड़ता है तो बाण रामजी की तरफ जाते-जाते उनके सिर में लगता ही नहीं था। रामजी के सिर की तरफ रावण का बाण जाय ही नहीं रावण
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बूढी माँ की वेदना
बेटे ने अपनी 75 वर्षीय बूढी माँ से पूछा “माँ चल तुझे तीर्थ करा लाता हूँ” बूढी माँ बोली:- “इससे ज्यादा भली बात और क्या होगी ?” मन ही मन सोचती है आखिर संस्कारी पिता का संस्कारी पुत्र है मेरा बेटा !! इस तरह माँ बेटे माँ वैष्णो देवी की यात्रा पर निकल पड़ते हैं ! ट्रेन के सफ़र के थकेहारों ने कटरा की धर्मशाला में शरण ली… बेटा माँ
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मातृदेवो भव पितृदेवो भव
प्रह्लाद को कष्ट देने वाले दैत्य हिरण्यकशिपु को भी प्रह्लाद कहता हैः “पिताश्री !” और तुम्हारे लिए तनतोड़ मेहनत करके तुम्हारा पालन-पोषण करने वाले पिता को नौकर बताने में तुम्हें शर्म नहीं आती ! अभी कुछ वर्ष पहले की बात है। इलाहाबाद में रहकर एक किसान का बेटा वकालत की पढ़ाई कर रहा था। बेटे को शुद्ध घी, चीज़-वस्तु मिले, बेटा स्वस्थ रहे इसलिए पिता घी, गुड़, दाल-चावल आदि सीधा-सामान
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कैसे करें आज्ञाचक्र का विकास..??
ललाट पर दोनों भौहों के बीच विचारशक्ति का केन्द्र है । जिसे योगी लोग आज्ञाशक्ति का केन्द्र कहते हैं। इसे शिवनेत्र अर्थात् कल्याणकारी विचारों का केंद्र भी कहते हैं। वहाँ पर चन्दन का तिलक या सिंदूर आदि का तिलक विचारशक्ति को, आज्ञाशक्ति को विकसित करता है। इसलिए हिंदू धर्म में कोई भी शुभ कर्म करते समय ललाट पर तिलक किया जाता है। पूज्य संत श्री आशारामजी बापू को चंदन का
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