fbpx
Skip to content
कैसे करें आज्ञाचक्र का विकास..??
ललाट पर दोनों भौहों के बीच विचारशक्ति का केन्द्र है । जिसे योगी लोग आज्ञाशक्ति का केन्द्र कहते हैं। इसे शिवनेत्र अर्थात् कल्याणकारी विचारों का केंद्र भी कहते हैं। वहाँ पर चन्दन का तिलक या सिंदूर आदि का तिलक विचारशक्ति को, आज्ञाशक्ति को विकसित करता है। इसलिए हिंदू धर्म में कोई भी शुभ कर्म करते समय ललाट पर तिलक किया जाता है। पूज्य संत श्री आशारामजी बापू को चंदन का
Read More
बच्चों को माता-पिता कैसे बनायें महान | Parenting tips hindi
बालक सुधरे तो जग सुधरा। बालक-बालिकाएँ घर, समाज व देश की धरोहर हैं। इसलिए बचपन से ही उनके जीवन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। यदि बचपन से ही उनके रहन-सहन, खान-पान, बोल-चाल, शिष्टता और सदाचार पर सूक्ष्म दृष्टि से ध्यान दिया जाय तो उनका जीवन महान हो जायगा, इसमें कोई संशय नहीं है। लोग यह नहीं समझते कि आज के बालक कल के नागरिक हैं। बालक खराब अर्थात् समाज और
Read More
ideal routine
आदर्श-दिनचर्या | Ideal Routine in hindi
अभिवादनशीलस्य नित्यं वृद्धोपसेविनः। चत्वारि तस्य वर्धन्ते आयुर्विद्या यशोबलम्।। “जो व्यक्ति माता-पिता एवं गुरूजनों को प्रणाम करते हैं और उनकी सेवा करते हैं उनकी आयु, विद्या, यश तथा बल – चार पदार्थ बढ़ते हैं।”
Read More
Bhojan
खड़े होकर भोजन : राक्षसी भोजन पद्धति | Asatvik Bhojan
आजकल सभी जगह शादी-पार्टियों में खड़े होकर भोजन करने का रिवाज चल पडा है लेकिन हमारे शास्त्र कहते हैं कि हमें नीचे बैठकर ही भोजन करना चाहिए । खड़े होकर भोजन करने से हानियाँ तथा पंगत में बैठकर भोजन करने से जो लाभ होते हैं वे निम्नानुसार हैं : 🌹 खड़े होकर भोजन (Bhojan) करने से हानियाँ 🌹 (१)यह आदत असुरों की है। इसलिए इसे ‘राक्षसी भोजन पद्धति’ कहा जाता
Read More
संत तुलसीदास की जयंती [ Sant Tulsidas]
( क्या आप अपने बच्चों को हर प्राणी में…. हर वस्तु में…. ईश्वर को देखने का नजरिया देना चाहते हैं ???? तो उन्हें तुलसीदासजी की जयंती पर यह प्रसंग जरूर सुनाएं । ) संत तुलसीदासजी की प्रभुनिष्ठा…….. ▪ संत तुलसीदासजी अरण्य में विचरण करने जा रहे थे । एक सुंदर, सुहावना वृक्ष देखकर वे उसकी छाया में बैठ गये और सोचने लगे :- ‘ प्रभु ! क्या आपकी लीला है
Read More

Categories

open all | close all