भारत में सर्वोदय आंदोलन के प्रणेता आचार्य विनोबा भावे के बचपन की एक महत्त्वपूर्ण प्रेरक घटना है, जिसका महत्त्व वे बाद में समझ पाये । शैशवावस्था में वे अपनी माताजी के साथ कोंकण (महाराष्ट्र) में
बच्चे कैसे स्वागत करें नूतन वर्ष का ? आपने बाल संस्कार में नूतन वर्ष की महिमा सुनी । नये वर्ष के दिन हम जैसे रहते हैं, हमारा पूरा साल वैसे ही बीतता है ।आपको याद