परीक्षा है नजदीक आई, जानो कैसे करें पढ़ाई | Exam Tips

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exam preparation tips

परीक्षा के दिनों में जो विद्यार्थी अधीर, चिंतित और परेशान रहते हैं, वे सालभर मेहनत करने के बाद भी अच्छे अंकों से पास नहीं हो पाते । नीचे दी गयी बातों का ध्यान रखकर पढ़ाई करने से सफलता पाने में मदद मिलेगी :

(१) समय नियोजन करें । कब क्या करना – इसका नियोजन करने से सब व्यवस्थित होता है । इसके लिए विद्यार्थी जप, त्राटक, पढ़ाई, भोजन, नींद आदि का समय निश्चित करके समय सारणी बना लें । रात को देर तक न जाग के सुबह जल्दी उठकर पढ़ें । इसके साथ ही पाठयक्रम के अनुसार प्राथमिकता तय करें जिससे सभी विषयों का अध्ययन हो सके । सुनियोजित कार्य सफलता की कुंजी है।

(२) पढ़ने बैठने से पूर्व अपने सद्गुरुदेव तथा विद्या की देवी माँ सरस्वती की प्रार्थना करें ।

(३) कमर सीधी करके पढ़ें, पढ़ते समय जीभ तालु में लगाकर पढ़ने से जल्दी याद होता है और लम्बे समय तक याद रहता है ।

(४) सूत्रात्मक ढंग से याद करें । महत्त्वपूर्ण एवं जटिल विषयों को बिन्दुओं के रूप में (Point Wise) याद करने से जल्दी याद होता है । इस प्रकार लिखने से शिक्षक भी अच्छे अंक देते हैं ।

(५) विषय को समझकर याद करें, रट्टा लगाकर नहीं । समझकर याद किया हुआ बहुत दिनों तक याद रहता है । विषय के मूल सिद्धांत या सार बात को ध्यान में रखें ।

(६) कठिन विषयों को रिकॉर्ड करके ध्यान से सुनें, यह भी याद करने का एक अच्छा तरीका है ।

(७) जो पाठ याद किया है, उसके बारे में स्वयं अलग-अलग ढंग से कई प्रश्न बनायें, इससे पाठ सहज में याद हो जाता है ।

(८) लेखन की गति तेज व अक्षरों की बनावट अच्छी हो, ऐसा अभ्यास बनाये रखें ।

(९) थकावट महसूस हो तो खुली हवा में घूमें, थोड़ा कूदें-फाँदें अथवा भगवन्नाम का जप करें या कोई शारीरिक कार्य कर लें । इससे थकावट दूर हो जायेगी और फिर नये उत्साह से पढ़ाई में मन लगेगा ।

(१०) घबराहट महसूस हो तो खुली हवा में जाकर देव-मानव हास्य प्रयोग करें । ५- १० मिनट हरि ॐ का गुंजन करें । गुरुकृपा-भगवत्कृपा पर भरोसा रखकर पुरुषार्थ करें । इससे सकारात्मक विचारों का उदय होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है और घबराहट चली जाती है ।

(११) नियमित रूप से गुरुदेव के श्रीचित्र पर १०-१५ मिनट त्राटक, भ्रामरी प्राणायाम, सारस्वत्य मंत्र का जप, सूर्य को अर्घ्य देने का नियम न छोड़ें ।

~गुरुकुल दर्पण

अनुत्तीर्ण विद्यार्थिनी बनी महाविद्यालय की टॉपर | झंखना रमेशभाई पटेल, बालासिनोर (गुज.)

मेरा गणित विषय बहुत कमजोर था, जिससे महाविद्यालय में पास होना मुझे चुनौती-सा लगता था।

 मेरी जन्मकुंडली में लिखा था कि मेरी पढ़ाई छूट जायेगी और हुआ भी ऐसा ही !! महाविद्यालय के प्रथम वर्ष की परीक्षा में मैं पास नहीं हो सकी और मेरी पढ़ाई छूट गयी । परंतु मेरे सद्गुरुदेव बापूजी ने मेरे लेख पर मेख मार दी और मुझे आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

चेटीचंड के अवसर पर अहमदाबाद में मैंने गुरुमंत्र लिया और फिर से पढ़ाई चालू की।

गुरुमंत्र लेने के बाद मेरी किस्मत के सितारे तो ऐसे चमके कि मैं हर सेमेस्टर में आगे बढ़ती चली गयी। आखिर पूज्य बापूजी की कृपा से मैं सरदार पटेल विश्वविद्यालय (गुजरात) में प्रथम आयी । अब मैं एन्वायरमेंट बायोटेक से मास्टर्स कर रही हूँ।

कहाँ तो मैं एक सामान्य विद्यार्थिनी थी जो गणित विषय में अनुत्तीर्ण हो जाती थी और कहाँ मैं पूरी यूनिवर्सिटी में प्रथम आयी। यह सब पूज्य बापूजी की कृपा से हुआ ।

 पूज्यश्री ने हमें हमेशा हर मुश्किल घड़ी से उबारा है। बापूजी के श्रीचरणों में मेरी श्रद्धा-भक्ति हमेशा बढ़ती रहे यही मेरी प्रार्थना है।

जिन्होंने पूरी दुनिया में संयम-शिक्षा, निःस्वार्थ समाज-सेवा, देश-सेवा, गौ-सेवा और भक्ति-ज्ञानयोग की गंगा बहाकर करोड़ों लोगों को पवित्र किया है, ऐसे परम पवित्र पूज्य बापूजी पर षड्यंत्र करके जो आरोप लगाये जा रहे हैं वे सब-के-सब पूरी तरह झूठे और मनगढंत हैं। मैं उनका खंडन करती हूँ।

✍🏻-झंखना रमेशभाई पटेल
बालासिनोर (गुज.)

सारस्वत्य मंत्र और सफलता का रहस्य | Success mantra for students

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मंत्रदीक्षा के समय विद्यार्थियों को सारस्वत्य मंत्र और अन्य दीक्षार्थियों को वैदिक मंत्र की दीक्षा देते हैं। सारस्वत्य मंत्र के जप से बुद्धि कुशाग्र बनती है और विद्यार्थी मेधावी होता है। सारस्वत्य मंत्र की दीक्षा पाकर कई विद्यार्थियों ने अपना भविष्य उज्ज्वल बनाया है।

वीरेन्द्र मेहता नामक एक सामान्य विद्यार्थी ने ʹऑक्सफोर्ड एडवांस्ड लर्नर्स डिक्शनरीʹ के 80 हजार शब्द पृष्ठ-संख्यासहित याद कर एक महान विश्वरिकार्ड दर्ज किया है।

तनिश्क (तांशु) बेसोया नामक 5 साल के छोटे से बच्चे ने दिल्ली की जोखिमभरी सड़कों पर 5 कि.मी. कार चलाकर अपने छोटे भाई हिमांशु की जान बचायी। उसे राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री एवं अन्य अऩेक मान्यवरों द्वारा सम्मानित किया गया।

कमजोर स्मृतिवाले अजय मिश्रा ने पूज्य बापू जी से सारस्वत्य मंत्र की दीक्षा लेकर उसका अनुष्ठान किया। परिणाम यह हुआ कि अजय मिश्रा (सालाना वेतन 30 लाख रूपये) नोकिया कम्पनी में ʹविश्वस्तरीय प्रबन्धकʹ (Global Product Manager) हुए ।

भैंस चराने वाला क्षितिज सोनी आज ʹगो एयरʹ हवाई जहाज कम्पनी में ʹमुख्य इंजीनियरʹ पद पर पहुँचे हैं (सालाना वेतन 21.60 लाख रूपये)। ऐसे लाखों विद्यार्थी हैं, जो अपने यश का श्रेय बापू जी की कृपा से प्राप्त सारस्वत्य मंत्र और यौगिक प्रयोगों को ही देते हैं।

भारत के सबसे तेज बोलर इशांत शर्मा कहते हैं- “पूज्य बापू जी की मंत्रदीक्षा व संयम-सदाचार के उपदेश से जीवन के हर क्षेत्र में विद्यार्थियों को अप्रतिम सफलता मिल सकती है। ʹदिव्य प्रेरणा प्रकाशʹ ग्रंथ देश के हर विद्यार्थी को पढ़ना ही चाहिए।”

आश्रम द्वारा आयोजित ʹविद्यार्थी उत्थान शिविरʹ व ʹविद्यार्थी उज्ज्वल भविष्य निर्माण शिविरʹ विद्यार्थियों के लिए वरदान ही सिद्ध होते हैं। ʹदिव्य प्रेरणा-प्रकाश ज्ञान प्रतियोगिताʹ से अब तक 80 लाख से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं।

अनुभव प्रकाशः पूज्य बापू जी से प्राप्त सारस्वत्य मंत्रदीक्षा प्रतिभा विकास की संजीवनी बूटी है। — डॉ. राहुल कत्याल, युवा वैज्ञानिक फिजियोथेरेपिस्ट