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Category: Brahmacharya Mahima

Brahmacharya motivation for kids/students

Best Brahmacharya Motivation for Students/ Kids in Hindi

Brahmacharya Motivation for Students: कामविकार का मन पर बड़ा घातक दुष्प्रभाव पड़ते हुए भी आज लोग चलचित्रों में, नाटकों में चोरी, डकैती, लूटपाट, प्रेमी-प्रेमिकाओं के दृश्य देखते हैं। छोटे-छोटे बच्चों के चित्त पर उन दृश्यों

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brahmacharya importance in hindi

(Celibacy) Brahmacharya Importance in Hindi [Students & Adult]

Importance of Brahmacharya for Students in Hindi. Sanyam Ka Palan Jaruri Kyu Hai [ब्रह्मचर्य का महत्व] : ➠ सदाचारी एवं संयमी व्यक्ति ही जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकता है। सुखी सम्मानित

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brahmacharya kya aur kyu

ब्रह्मचर्य क्या है व जरूरी क्यों – Brahmacharya & it’s Benefits

➠ भगवान वेदव्यास जी ने कहा है :- ब्रह्मचर्यं गुप्तेन्द्रियस्योपस्थस्य संयमः ʹविषय-इन्द्रियों द्वारा प्राप्त होने वाले सुख का संयमपूर्वक त्याग करना ब्रह्मचर्य है ।ʹ शक्ति, प्रभाव और सभी क्षेत्रों में सफलता की कुंजी – ब्रह्मचर्य

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chup rahne ke fayde

एक विलक्षण सदगुण-मौन | Power of Silence in Hindi | Chup Rahne ke Fayde

“दीपक जलता है तो बत्ती और तेल जलता है। इसी तरह जितना अधिक बोला जाता है, अंदर की शक्ति उतनी ही नष्ट होती है।”  -ब्रह्मलीन ब्रह्मनिष्ठ साँईं श्री लीलाशाह जी महाराज की हितभरी वाणी मौन

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गाँधीजी का ब्रह्मचर्य-व्रत

जो प्रसन्नता और आनंद मुझे ब्रह्मचर्य-व्रत पालन से मिला, वह मुझे नहीं याद आता इस व्रत से पहले कभी मिला हो । – महात्मा गाँधी खूब चर्चा और दृढ़ विचार करने के बाद १९०६ में

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संयम क्यों जरूरी है ?

चाहें पुरुष हो, चाहें स्त्री… सभी के जीवन में संयम की अत्यंत आवश्यकता है। बॉयफ्रेंड, गर्लफ्रेंड बनाने से जीवनीशक्ति व संयम का नाश होता है। जो लड़के लड़कियों से, लड़कियाँ लड़कों से दोस्ती करती हैं,

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ब्रह्मचर्य का रहस्य | Rishi Dayanand on Brahmacharya

➠ एक बार ऋषि दयानंद (Rishi Dayanand) से किसी ने पूछाः “आपको कामदेव सताता है या नहीं ?” ➠ उन्होंने उत्तर दियाः “हाँ वह आता है, परन्तु उसे मेरे मकान के बाहर ही खड़े रहना

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ब्रह्मचर्य का पालन क्यों और कैसे | Celibacy Tips in hindi

वास्तव में ‘ब्रह्मचर्य’ (Brahmacharya – Celibacy) शब्द का अर्थ है ‘ब्रह्म के स्वरूप में विचरण करना ।’ जिसका मन नित्य-निरंतर सच्चिदानंद ब्रह्म में विचरण करता है, वही पूर्ण ब्रह्मचारी है । इसमें प्रधान आवश्यकता है-

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brahmachary vrat, brahmachary, Sanyam

क्यूँ आते हैं आत्महत्या के विचार |Brahmcharya Ki Shakti

आत्महत्या के विचार आते हैं तो समझो यह मन की दुर्बलता व कायरता की पराकाष्ठा है । बचपन मे वीर्यनाश खूब हुआ हो तो बार-बार आत्महत्या के विचार आते हैं । वीर्यवान एवं संयमी पुरुष

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