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Brahmachari & General man

ब्रह्मचर्य प्रतिष्ठायां वीर्यलाभः | Bodhkatha: Brahmachari & General Man in Hindi

पूज्य संत श्री आशारामजी बापू के सत्संग प्रवचन से ….. एक युवक ने यह बात पढ़ी~ “ब्रह्मचर्य प्रतिष्ठायां वीर्यलाभः ।” “ब्रह्मचर्य की दृढ़ स्थिति हो जाने पर सामर्थ्य का लाभ होता है।” (योग दर्शन साधन

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chup rahne ke fayde

एक विलक्षण सदगुण-मौन | Power of Silence in Hindi | Chup Rahne ke Fayde

“दीपक जलता है तो बत्ती और तेल जलता है। इसी तरह जितना अधिक बोला जाता है, अंदर की शक्ति उतनी ही नष्ट होती है।”  -ब्रह्मलीन ब्रह्मनिष्ठ साँईं श्री लीलाशाह जी महाराज की हितभरी वाणी मौन

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जहाँ चाह वहाँ राह

जहाँ मन की गहरी चाह होती है, आदमी वहीं पहुँच जाता है। अच्छे कर्म, अच्छा संग करने से हमारे अंदर अच्छे विचार पैदा होते हैं, हमारे जीवन की अच्छी यात्रा होती है और बुरे कर्म,

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नर्तकी की देशभक्ति

उरु प्रदेश में एक नर्तकी थी, जिसका नाम था मृदुला। वह इतनी खूबसूरत थी और उसकी नृत्य कला इतनी मोहक थी कि बड़े-बड़े मंत्री, सेनाधिकारी वगैरह भी उसके नृत्य के चाहक थे। उसका नृत्य और

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कौन से हैं वे तीन शत्रु…?? – पूज्य बापूजी

जो व्यक्ति अपनी वीर्यरूपी ऊर्जा को संभालने की अक्ल नहीं रखता, वह मुर्गा छाप बच्चों को जन्म देगा अथवा परिवार-नियोजन के साधनों का उपयोग करके अपना और अपनी पत्नी का सत्यानाश करता ही रहेगा। फिर

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जिनको ब्रह्मचर्य रखना हो…

उत्तरायण महापर्व ( मकर संक्रांति ) ब्रह्मचर्य से बहुत बुद्धिबल बढ़ता है । जिनको ब्रह्मचर्य रखना हो, संयमी जीवन जीना हो, वे उत्तरायण के दिन भगवान सूर्यनारायण का सुमिरन करें, जिससे बुद्धि में बल बढ़े

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संयम क्यों जरूरी है ?

चाहें पुरुष हो, चाहें स्त्री… सभी के जीवन में संयम की अत्यंत आवश्यकता है। बॉयफ्रेंड, गर्लफ्रेंड बनाने से जीवनीशक्ति व संयम का नाश होता है। जो लड़के लड़कियों से, लड़कियाँ लड़कों से दोस्ती करती हैं,

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BapuJi Jaisi Sanyam Ki Siksha Koi Nahi De Sakta: Teacher’s Day

मैंने पूज्य बापूजी से २०१० में दीक्षा ली और नर्सरी कक्षा से ही मैं संत श्री आशारामजी गुरुकुल, रायपुर(छ.ग.) में पढ़ रहा हूँ। गुरुकुल में रोज दोपहर १२ बजे संध्या करवायी जाती है जिसमें बुद्धि

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ऋषि पति-पत्नी का यौवन में १६-१६ साल ब्रह्मचर्य पालन

वैदिक युग में आदर्शनिष्ठा की मूर्तिमंत नमूनेदार एक घटना भी मिलती है । पंडित वाचस्पति मिश्र वेदांत के एक महान ग्रंथ की रचना कर रहे थे। नवोढ़ा पत्नी एकासन में कार्यरत अपने पति को उनके

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