Tulsi Pujan Vidhi with images mp3 audio mantra vidhi

Tulsi Pujan Vidhi Step by Step with Images & Mp3 Audio

01 शंख ध्वनि :

  • सबसे पहले बैकग्राउंड में शंख की ध्वनि सुनायी देगी ।

02 जल विधि एवं मंत्र :

  • किसी स्वच्छ स्थान पर तुलसी के गमले को जमीन से कुछ ऊँचे स्थान पर रखें । उसमें यह मंत्र बोलते हुए जल चढ़ायें :

महाप्रसादजननी सर्वसौभाग्यवर्धिनी । आधिव्याधि हरिर्नित्यं तुलसी त्वां नमोऽस्तु ते ॥

03 तिलक विधि व मंत्र :

  • फिर यह मंत्र बोलते हुए तिलक करें :
‘ॐ श्री तुलस्यै नमः’ ‘ॐ श्री वृन्दाये नमः’ ‘ॐ श्री हरिवल्लभाये नमः’

04 पुष्प अर्पण विधि :

  • अब तुलसी माता को अक्षत (चावल) व पुष्प अर्पण करें ।

05 प्रसाद अर्पण विधि :

  • तत्पश्चात वस्त्र और कुछ प्रसाद चढ़ायें ।

06 आरती विधि, दीप-प्रज्वलन श्लोक व आरती :

  • फिर दीप जलाकर तुलसी माता की आरती करें ।

दीपो ज्योतिः परं ब्रह्म दीपो ज्योतिर्जनार्दन: ।
   दीपो हरतु मे पापं सांध्यदीप नमोऽस्तुते ।।

         आरती श्री तुलसी माता की…

07 परिक्रमा मंत्र व तुलसी महिमा गीत :

  • अब तुलसी माता की 7 परिक्रमा करें ।

    यानि कानि च पापानि जन्मान्तरकृतानि च ।
    तानि तानि प्रणश्यन्ति प्रदक्षिण पदे पदे ।।

08 प्रार्थना व जप विधि :

  • ऐसे शुद्ध वातावरण में शांत होकर हम सभी हाथ जोड़कर भगवत्प्रार्थना करें और मन ही मन भगवन्नाम या गुरुमंत्र का जप करेंगे ।

09 तुलसी-नामाष्टक विधि व श्लोक :

  • अब हम सभी मिलकर तुलसी-नामाष्टक का पुण्यकारक पाठ करेंगे :

    वृन्दां वृन्दावनीं विश्वपावनीं विश्वपूजिताम् ।
    पुष्पसारां नन्दिनीं च तुलसी कृष्णजीवनीम् ॥
    एतनामाष्टकं चैतत्स्तोत्रं नामार्थसंयुतम् ।
    यः पठेत्तां च संपूज्य सोऽश्वमेधफलं लभेत् ॥

10 तुलसी-नामाष्टक अर्थ :

  • वृंदा, वृंदावनी, विश्वपावनी, विश्वपूजिता, पुष्पसारा, नंदिनी, तुलसी और कृष्णजीवनी – ये तुलसी देवी के आठ नाम हैं । यह सार्थक नामावली स्तोत्र के रूप में परिणत है । जो पुरुष तुलसी की पूजा करके इस नामाष्टक का पाठ करता है उसे अश्वमेध यज्ञ का फल प्राप्त हो जाता है । – ऐसा ब्रह्मवैवर्त पुराण में आता है ।

11 प्रसाद वितरण विधि व गीत :

  • अब तुलसी-पत्ते डालकर सभी को प्रसाद वितरित करें ।

12 अनमोल उपहार विधि :

  • तुलसी मनुष्य के लिए ईश्वर की तरफ से दिया गया स्वास्थ्य और समृद्धि का अनमोल उपहार है, अतः हम सभी का कर्तव्य है कि ‘तुलसी पूजन दिवस‘ के माध्यम से इसकी महिमा जन-जन तक पहुँचायें ।

    जिन महिमावान सदगुरुदेव की परम कृपा से आज हमें यह संस्कृति का प्रसाद मिला ऐसे ब्रह्मनिष्ठ पूज्य संत श्री आशारामजी बापू के श्रीचरणों में हम सब का कोटि कोटि वन्दन । कोटि कोटि प्रणाम ।

 
  • 25 दिसंबर – तुलसी पूजन दिवस की सम्पूर्ण जानकारी के लिए  : Click Here
 
  • तुलसी पूजन विधि के सभी ऑडियो, गीत एवं बैनर डाउनलोड करने के लिए : Click Here

School, Society (Colony) Me Kaise Manaye Tulsi Pujan Diwas