Sex Thoughts/ Ashleel Vichar/ Urges Kaise Control Kare Kam Kare in NoFap Journey/ Bramhacharya:
जब कामुकता जग रही हो तो उससे होने वाली हानियों पर नजर डालनी चाहिए व संयम से होने वाले लाभ पर दृष्टि डालनी चाहिए।
 
मन को समझाना चाहिए किः ʹशरीर में है क्या ? दो आड़ी हड्डियाँ और दो खड़ी हड्डियाँ, मांस, मल-मूत्र, रक्त और ऊपर से चमड़े का कवर। फिर यह हाड़-मांस का शरीर उस परम सुंदर चैतन्य के कारण सुंदर लगता है।’
 
‘तू उसी चैतन्य से प्रेम कर, अपने आत्मा में आ। हे मेरे प्रभु ! अब मैं विकारों में नहीं गिरूँगा, काम में नहीं गिरूँगा वरन् मैं तो तेरे शुद्ध चैतन्यस्वरूप में, राम में रहूँगा….. ૐ…. ૐ…..ૐ…..’
 
इस तरह एक सप्ताह तक का नियम ले लिया काम-विकार में न गिरने का और सप्ताह पूरा होने के पहले ही दूसरा सप्ताह बढ़ा दिया।
 
अपने मस्तिष्क में दिव्य विचार भरना और पोसना नितांत आवश्यक है। डण्डे के बल से या पुचकार से बन्दर, शेर आदि पशुओं को भी वश में किया जा सकता है। इसी तरह अपने मन को कभी कठोर प्रतिज्ञा तो कभी पुचकार से वश में करने के संस्कार रोज डालते रहो।
 
~ स्रोतः ऋषि प्रसाद, मार्च 1997, पृष्ठ संख्या 13,14, 25 अंक 51