ग्रीष्म ऋतु में शरीर की तपन मिटाने के लिए प्रकृति ने अनेक रसीले फल उपहार दे रखे हैं जैसे आम, अंगूर, नारियल, अनार, खरबूजा, अंजीर, गन्ना । शरीर का रक्षण करनेवाले एंटी-ऑक्सीडेंट्स इनमें ज्यादा मात्रा में मिलते हैं ।

Best Food to Eat in Summer Season [Garmi Me Kya Khana Chaiye]

आम : पका हुआ आम एक-दो घंटे पानी में डुबोकर रखें फिर रस निकालकर उसमें घी, काली मिर्च व सोंठ मिलाकर दोपहर के भोजन में लें अथवा चूसकर खाएं । इससे चित्तवृत्ति उल्लासित होती है तथा रक्त व बल की वृद्धि होकर शरीर पुष्ट होता है ।

अंगूर : मीठे अंगूर एक घंटा नमक के पानी में भिगोकर अच्छी तरह से धोकर खाएं । इससे पित्त के कारण होने वाली हाथ-पैर-पेशाब की जलन, प्यास,दाह, दुर्बलता दूर होती है ।

नारियल : नारियल पौष्टिक, शक्तिवर्धक, स्निग्ध और शीत-प्रकृति वाला है इसका पानी शरीर में जल्द ही शोषित हो जाता है। प्यास बुझती ना हो, पेशाब कष्टदायक हो तब नारियल का पानी अति उत्तम है ।

अनार : अनार उत्तम पित्तशामक व तृप्ति-प्रदायक है । गर्मी के कारण सिरदर्द, जी मचलना आदि पित्तजन्य लक्षण उत्पन्न होने पर मिश्री मिला हुआ अनार का रस खूब लाभदायी है ।

खरबूजा : खरबूजा गर्मियों में शरीर के रक्षाकवच का कार्य करता है। धूप में तपा हुआ खरबूजा अच्छी तरह से ठंडा करके ही खाना चाहिए। यह शरीर के जलीय अंश को शीघ्रता से बढ़ाता है । इसमें निहित शर्करा रक्त से घुलकर तुरंत शक्ति देती है, जिससे आलस्य थकान शीघ्र ही मिट जाती है ।

इसे पचने में देर लगती है। इसीलिए इसका सेवन भोजन से पूर्व, साथ में व तुरंत बाद नहीं करना चाहिए । अन्यथा भोजन के पाचन में बाधा उत्पन्न हो सकती है। खाली पेट खरबूजा वायु करता है इसीलिए ना खाएं। दोपहर के भोजन के 3 घंटे बाद चीनी और मिश्री मिलाकर इसका सेवन करना उत्तम है ।

अंजीर : सूर्य की तीव्र किरणों से धातुओं में आने वाले रुक्षता व क्षीणता को मीठे, स्निग्ध अंजीर दूर करते हैं तथा रस-रक्त को बढ़ाते हैं ।

गन्ना : गन्ने का रस पीने की अपेक्षा इसका रस चूसना अच्छा है। यह शुक्र व कफवर्धक एवं तृप्तिदायक है ।

नींबू : गर्मियों में होने वाली कई समस्याएं जैसे- मंदाग्नि,दस्त में नींबू लाभप्रद है । मिश्री, नमक, जीरा मिलाकर बनाया हुआ नींबू शरबत जलीय अंश की रक्षा करता है ।

इसके अतिरिक्त मोसम्बी, फालसा, कोकम, ककड़ी, खीरा भी खूब लाभदायी हैं ।

Foods we should Not Eat in Summer Season

इन दिनों में भोजन कम और तरल द्रव पदार्थ अधिक लें । चाय-कॉफी व शीत पेयों के हानिकारक परिणाम से अपने को बचाएं ।
दूध,घी, चावल की खीर, सत्तू जैसे स्निग्ध, बलदायक पदार्थों का सेवन करें ।

दही व छाछ उष्ण होने के कारण गर्मियों में निषिद्ध है ( जीरा, धनिया, सौंफ, मिश्री, मलाई, ताजी छाछ अल्प मात्रा में ले सकते हैं )
सुबह एक आँवले का मुरब्बा खाकर पानी पी लें अथवा उसका जूस बनाकर पी लें यह दिनभर ताजगी व स्फूर्ति देता है ।

➢ लोक कल्याण सेतु, अप्रैल-मई 2009