प्रातः सूर्योदय से पूर्व उठकर, मुँह धोये बिना, मंजन या दातुन करने से पूर्व हर रोज करीब सवा लीटर (चार बड़े गिलास) रात्रि का रखा हुआ पानी पीयें। उसके बाद 45 मिनट तक कुछ भी खायें-पीयें नहीं। पानी पीने के बाद मुँह धो सकते हैं, दातुन कर सकते हैं।

जब यह प्रयोग चलता हो उन दिनों में नाश्ता या भोजन के दो घण्टे के बाद ही पानी पीयें।

प्रातः पानी प्रयोग करने से हृदय, लीवर, पेट, आँत के रोग एवं सिरदर्द, पथरी, मोटापा, वात-पित्त-कफ आदि अनेक रोग दूर होते हैं। मानसिक दुर्बलता दूर होती है और बुद्धि तेजस्वी बनती है। शरीर में कांति एवं स्फूर्ति बढ़ती है।

बच्चे एक-दो गिलास पानी पी सकते हैं।