Why to Celebrate Parents Worship Day instead of Valentine’s Day 2021:

प्रेम-दिवस ( वेलेन्टाइन डे | Valentines Day ) के नाम पर विनाशकारी कामविकार का विकास हो रहा है, जो आगे चलकर चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन, खोखलापन, जल्दी बुढ़ापा और मौत लाने वाला साबित होगा । अतः भारतवासी इस अंधपरंपरा से सावधान हों !

Negative Effect of Valentine’s Day 

‘इन्नोसेन्टी रिपोर्ट कार्ड’ के अनुसार 28 विकसित देशों में हर साल 13 से 19 वर्ष की 12 लाख 50 हजार किशोरियाँ गर्भवती हो जाती हैं । उनमें से 5 लाख गर्भपात कराती हैं और 7 लाख 50 हजार कुँवारी माता बन जाती हैं । अमेरिका में हर साल 4 लाख 94 हजार अनाथ बच्चे जन्म लेते हैं और 30 लाख किशोर-किशोरियाँ यौन रोगों के शिकार होते हैं ।

यौन संबन्ध करने वालों में 25% किशोर-किशोरियाँ यौन रोगों से पीड़ित हैं । असुरिक्षित यौन संबंध करने वालों में 50% को गोनोरिया, 33% को जैनिटल हर्पिस और एक प्रतिशत को एड्स का रोग होने की संभावना है । एड्स के नये रोगियों में 25% 22 वर्ष से छोटी उम्र के होते हैं । आज अमेरिका के 33% स्कूलों में यौन शिक्षा के अंतर्गत ‘केवल संयम’ की शिक्षा दी जाती है । इसके लिए अमेरिका ने 40 करोड़ से अधिक डॉलर (20 अरब रूपये) खर्च किये हैं ।

Why Parents Worship Day

प्रेम दिवस ( Parents Worship Day ) जरूर मनायें लेकिन प्रेमदिवस में संयम और सच्चा विकास लाना चाहिए। युवक युवती मिलेंगे तो विनाश-दिवस बनेगा। इस दिन बच्चे-बच्चियाँ माता-पिता का पूजन करें और उनके सिर पर पुष्प रखें, प्रणाम करें तथा माता-पिता अपनी संतानों को प्रेम करें। संतान अपने माता-पिता के गले लगे। इससे वास्तविक प्रेम का विकास होगा। बेटे-बेटियाँ माता-पिता में ईश्वरीय अंश देखें और माता-पिता बच्चों में ईश्वरीय अंश देखें।

तुम भारत के लाल और भारत की लालियाँ ( बेटियाँ ) हो। प्रेमदिवस मनाओ, अपने माता-पिता का सम्मान करो और माता-पिता बच्चों को स्नेह करें।

करोगे न बेटे ऐसा ??

पाश्चात्य लोग विनाश की ओर जा रहे हैं। वे लोग ऐसे दिवस मनाकर यौन रोगों का घर बन रहे हैं, अशांति की आग में तप रहे हैं। उनकी नकल तो नहीं करोगे ?

मेरे प्यारे युवक-युवतियों और उनके माता-पिता ! आप भारतवासी हैं। दूरदृष्टि के धनी ऋषि-मुनियों की संतान हैं। प्रेमदिवस (वेलेन्टाइन डे) के नाम पर बच्चों, युवान-युवतियों के ओज-तेज का नाश हो, ऐसे दिवस का त्याग करके माता-पिता और संतानों प्रभु के नाते एक-दूसरे को प्रेम करके अपने दिल के परमेश्वर को छलकने दें। काम विकार नहीं, रामरस, प्रभुप्रेम, प्रभुरस….

मातृदेवो भव। पितृदेवो भव। बालिकादेवो भव।

कन्यादेवो भव। पुत्रदेवो भव।

माता पिता का पूजन करने से काम राम में बदलेगा, अहंकार प्रेम में बदलेगा, माता-पिता के आशीर्वाद से बच्चों का मंगल होगा।

पाश्चात्यों का अनुकरण आप क्यों करो ? आपका अनुकरण करके वे सदभागी हो जायें।

जो राष्ट्रभक्त नागरिक यह राष्ट्रहित का कार्य करके भावी सुदृढ़ राष्ट्र निर्माण में साझीदार हो रहे हैं वे धनभागी हैं और जो होने वाले हैं उनका भी आह्वान किया जाता है।

 

Happy Parents Worship Day Quotes, Greetings

"प्रेम दिवस जरूर मनायें लेकिन प्रेम दिवस में संयम और सच्चा विकास लाना चाहिए।" – पूज्य बापूजी
भूलो सभी को मगर, माँ-बाप को भूलना नहीं ।
उपकार अगणित हैं उनके, इस बात को भूलना नहीं ।।
याद करो वह पल जब तुम थे अनजान ।
अब समझ मिली है तो न बनो अनजान ।।
आओ मनायें 14 फरवरी मातृ - पितृ पूजन दिवस
सब धर्मों की एक पुकार मात - पिता का करें सत्कार ।
आओ मनायें 14 फरवरी मातृ - पितृ पूजन दिवस
सब मिलेगा लेकिन माँ - बाप नहीं मिलेंगे ।
आओ मनायें 14 फरवरी मातृ - पितृ पूजन दिवस
हर देश, धर्म, जाति और पंथ, सबका यही आह्वान ।
आदर मात - पिता - प्रभु - गुरु का, करके बने महान ।।

Parents Worship Day Images, Wallpaper, Photos

10+ Benefits of Parents Worship Day

  • इस दिन बच्चे-बच्चियाँ माता-पिता का पूजन करें और उनके सिर पर पुष्ष रखें, प्रणाम करें तथा माता-पिता अपनी संतानों को प्रेम करें । संतान अपने माता-पिता के गले लगे । इससे वास्तविक प्रेम का विकास होगा ।
  • माँ-बाप का आदर करने वाले बच्चों की आयु, विद्या, यश और बल बढ़ते हैं ।
  • माता पिता का पूजन करने से काम राम में बदलेगा, अहंकार प्रेम में बदलेगा, माता-पिता के आशीर्वाद से बच्चों का मंगल होगा ।
  • कन्याओं और किशोरों का कल्याण हो ऐसा वातावरण बना है ।
  • बच्चे-बच्चियों की रक्षा होगी और आने वाली संतति का भविष्य उज्जवल होगी ।
  • यह सच्चा प्रेम दिवस है, माता-पिता के हृदय में स्थित भगवान प्रसन्नता बच्चो पर छलकेगी इससे माता-पिताओं का भी कल्याण होगा और बच्चे-बच्चियों का परम कल्याण होगा ।
  • युवा पीढ़ी को नैतिक जीवन जीने का प्रोत्साहन मिला है ।
  • अपने परम्परागत नैतिक मूल्यों की रक्षा होगी ।
  • युवा पीढ़ी विषय विकारों की आँधी में न बहकर संयम-सदाचार से युक्त स्वस्थ, सुखी एवं सम्मानित जीवन जीये । अपने लिये, माता-पिता के लिए खुशहालियाँ पैदा करने वाली सदभावना से, संयम से उनका मंगल होगा और उनसे मिलने वाले का भी आनंद-मंगल होगा ।
  • माता-पिता का आदर करने वाले विद्यार्थी पढ़ाई में श्रेष्ठ परिणाम पा सकते हैं ।

14th February

14 फरवरी को पश्चिमी देशों में युवक युवतियाँ एक दूसरे को ग्रीटिंग कार्डस, फूल आदि देकर वेलेन्टाइन डे मनाते हैं। यौन जीवन संबंधी परम्परागत नैतिक मूल्यों का त्याग करने वाले देशों की चारित्रिक सम्पदा नष्ट होने का मुख्य कारण ऐसे वेलेन्टाइन डे हैं जो लोगों को अनैतिक जीवन जीने को प्रोत्साहित करते हैं। इससे उन देशों का अधःपतन हुआ है। इससे जो समस्याएँ पैदा हुईं, उनको मिटाने के लिए वहाँ की सरकारों को स्कूलों में केवल संयम अभियानों पर करोड़ों डालर खर्च करने पर भी सफलता नहीं मिलती। अब यह कुप्रथा हमारे भारत में भी पैर जमा रही है। हमें अपने परम्परागत नैतिक मूल्यों की रक्षा करने के लिए ऐसे वेलेन्टाइन डे का बहिष्कार करना चाहिए। इस संदर्भ में विश्ववंदनीय पूज्य संत श्री आसारामजी बापू ने की की है एक नयी पहल – ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’।

Parents worship day Status

मातापित्रोस्तु यः पादौ नित्यं प्रक्षालयेत् सुतः।
तस्य भागीरथीस्नानं अहन्यहनि जायते।।
'जो पुत्र प्रतिदिन माता और पिता के चरण पखारता है, उसका नित्यप्रति गंगा-स्नान हो जाता है।'
अभिवादनशीलस्य नित्यं वृद्धोपसेविनः।
चत्वारि तस्य वर्धन्ते आयुर्विद्या यशो बलम्।।
'जो माता-पिता और गुरुजनों को प्रणाम करता है और उनकी सेवा करता है, उसकी आयु, विद्या, यश और बल चारों बढ़ते हैं।'
माता गुरुतरा भूमेः खात् पितोच्चतरस्तथा।
'माता का गौरव पृथ्वी से भी अधिक है और पिता आकाश से भी ऊँचे (श्रेष्ठ) हैं।'
यन्मातापितरौ वृत्तं तनये कुरुतः सदा।
न सुप्रतिकरं तत्तु मात्रा पित्रा च यत्कृतम्।।
'माता और पिता पुत्र के प्रति जो सर्वदा स्नेहपूर्ण व्यवहार करते हैं, उपकार करते हैं, उसका प्रत्युपकार सहज ही नहीं चुकाया जा सकता है।'